इंदौर
होली का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सभी बैर भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। होली के त्योहार का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रंगों से होली खेलने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। माना जाता है कि इन उपायों को अपनाया जाए, तो जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। आज हम आपको होली से जुड़े वास्तु के कुछ विशेष नियम बताने जा रहे हैं। इनसे आपका होली का त्योहार खुनशुना बन जाएगा।

उत्तरमुखी घर है, तो इन रंगों से खेले होली
वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आप घर पर परिवार और दोस्तों के साथ होली मना रहे हैं, तो होली खेलते समय दिशाओं का ध्यान रखें। यदि आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में खुलता है, तो आपका घर उत्तरमुखी है। उत्तर मुखी घर में होली खेलने के लिए पीला, हरा, नीला और हल्का नीला रंग अच्छा माना जाता है। इन रंगों से होली खेलने से जीवन की वर्तमान परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा आती है।

दक्षिणमुखी घर है, तो इन रंगों से खेले होली
यदि आपका घर दक्षिण दिशा की ओर है, तो आपको गुलाबी, बैंगनी, नारंगी और लाल रंग से होली खेलनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इससे परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है।

पूर्वमुखी घर है, तो इन रंगों से खेले होली
अगर आपका घर पूर्व दिशा की ओर है, तो घर में होली खेलते समय आपको गहरे रंग जैसे पीला, लाल, हरा, गुलाबी और नारंगी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। इन रंगों से होली खेलने से मान-सम्मान वृद्धि होती है। वहीं, अगर आपका घर पश्चिम दिशा की ओर है, तो आपको होली खेलने के लिए हल्के नीले, सुनहरे या सफेद रंग का उपयोग करना चाहिए। माना जाता है कि इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

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